वैक्सीन नहीं लगवाने पर यहां हुक्का पानी बंद करने का फरमान, ये है मामला

भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकार कोरोना वैक्सीनेशन के लिए लोगों को जागरुक करने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रही है. बावजूद इसके अभी भी ग्रामीण इलाकों में वैक्सीन को लेकर भ्रम की स्थिति देखने को मिल रही है. सरकार लगातार ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान चला रही है, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर भी हर तरह की नीति अपनाई जा रही है, सख्ती से लेकर बहिष्कार तक. प्रदेश की राजधानी भोपाल से लगए हुए रातीबड़ क्षेत्र की ग्राम पंचायतों ने एक अजब-गजब फैसला लिया है. पंचायत का फैसला है कि गांव का जो भी व्यक्ति टीका नहीं लगवाएगा उसका हुक्का पानी बन्द कर दिया जाएगा.
राजधानी के रातीबड़ की ग्राम पंचायतों में रहने वाले ग्रामीणों ने इस पंचायत के इस फैसले का समर्थन किया है. उनका कहना है कि वैक्सीन नहीं लगवाने पर न तो दुकान से समान दिया जाएगा और न ही उसे किसी तरह के कार्यकर्मों में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी. दरअसल, भोपाल की 4 पंचायतों में रातीबड़, सरवर, सिकंदराबाद और मुंडला शामिल है. इन पंचायतों से जुड़े 13 गांवों में करीब 17 हजार की आबादी रहती है. इनमें से अब तक 5 हजार लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं, लेकिन अब भी ग्रामीणों में इसको लेकर भ्रम की स्थिति है. अब इन 4 पंचायतों के 13 गांवों ने तय किया है कि उनके गांव का जो भी शख्स कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाएगा, उससे पूरा गांव संबंध खत्म कर लेगा. उसे गांव के किसी भी कार्यक्रम में नहीं बुलाया जाएगा और न ही कोई व्यक्ति उसके घर जाएगा.

जबकि वैक्सीनेशन के प्रति भ्रम को दूरे करने के लिए भोपाल जिले की बैरसिया विधानसभा से विधायक विष्णु खत्री ने घोषणा की है कि जो भी व्यक्ति कोरोनावायरस से बचाव वाली वैक्सीन लगवाएगा उसे ₹199 का रिचार्ज फ्री दिया जाएगा. यह ऑफर बैरसिया विधानसभा की 10 पंचायतों के लिए है जहां पर लोग वैक्सीन लगवाने के लिए तैयार नहीं है. वहीं प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने इस बारे कहा कि ये सरकार फैसला नहीं है. हम लोगों पर वैक्सीन लगवाने के लिए दबाव नहीं बना रहे हैं. सरकार लोगों से वैक्सीन लगवाने के लिए लगातार अपील कर रही है.

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Author: thehind today

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