कमलनाथ के नेतृत्व पर बीजेपी ने साधा निशाना, कहा- कांग्रेस पार्टी हो चुकी है खत्म, कुछ दिन में मैदान साफ हो जाएगा

भोपाल। कमलनाथ के नेतृत्व पर कांग्रेस नेता एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के सवाल उठाने पर सांसद ज्योतिरादित्या सिंधिया ने कहां कि कांग्रेस अपनी तैयारी करे. हम अपनी प्लानिंग कर रहे हैं, हम तो जनता की सेवा कर रहे हैं.
वहीं इसी मामले पर मंत्री बृजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि कांग्रेस के अंदर ये लड़ाई पहले से चल रही है. कमलनाथ को मजबूरी में अध्यक्ष बनाया गया था. कांग्रेस पार्टी खत्म हो चुकी है. कुछ दिनों में पूरी तरह से मैदान साफ हो जाएग.
कमलनाथ के नेतृत्व पर नगरी प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह का भी बयान सामने आया है. मंत्री ने कहा कि ये कांग्रेस की आपसी की लड़ाई है. कांग्रेसी 1 व्यक्तियों की कंपनी है. एक दिग्विजय सिंह की कंपनी है, एक कमलनाथ की कंपनी. सब अपनी-अपनी कंपनियों के हिसाब से बात करते हैं. दिग्विजय सिंह ने जो कहा है उसके पीछे उनका अनुभव होगा, दिल्ली के नेताओं से कुछ संकेत मिले होंगे. उन्होंने कहा कि कमलनाथ के नेतृत्व में 2023 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा जाएगा.
कांग्रेस के घमासान पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि कांग्रेस में इस समय एक दूसरे की टांग खिंचाई चरम सीमा पर है. राहुल सिंह कमलनाथ की टांग खींच रहे हैं. कमलनाथ, अजय सिंह को वहीं घेर रहे हैं राकेश चतुर्वेदी को रीवा भेजकर. उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह हमेशा शतरंज की कौन सी चाल चलते हैं, यह उनके अलावा कोई नहीं जानता है.

कांग्रेस ने दी सफाई

पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक डॉ गोविंद सिंह ने कहा अजय सिंह को लेकर पार्टी में किसी तरह का अंतर्कलह नहीं है. कमलनाथ और अजय सिंह में कोई अंतर्विरोध नहीं है. दोनों नेताओं के बीच चर्चा हो चुकी है. डॉ. गोविंद सिंह के मुताबिक भिंड में अजय सिंह को कोई दूसरे नेता चुनौती नहीं दे रहे हैं. पूरी कांग्रेस पार्टी एकजुट है. सभी कांग्रेसियों का मकसद एक ही है प्रदेश से बीजेपी का सफाया करना और उसी लक्ष्य पर सभी कांग्रेस नेता काम कर रहे हैं. कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता एक सूत्र में हैं.

गौरतलब है कि कमलनाथ के रीवा जिले की जिम्मेदारी चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी को देने पर अजय सिंह खासे नाराज हैं. पीसीसी ने साफ कर दिया है कि किसी नेता की नाराजगी पर किसी प्रभारी को बदला नहीं जाएगा. मतलब साफ है कि अब कांग्रेस पार्टी में सिर्फ कमलनाथ के फैसले ही मान्य होंगे और अजय सिंह सरीखे नेताओं की नाराजगी पर पार्टी फैसला बदलेगी इसकी गुंजाइश कम नजर आ रही है.

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Author: thehind today

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