“चलो अब शुरुआत करें ,बाल विवाह का नाश करें”

ग्वालियर-
शहर के शासकीय कमलाराजा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय ग्वालियर की राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयं सेविकाओ द्वारा बाल अधिकार सप्ताह 2022 के चतुर्थ दिवस के अवसर पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया।जिसका विषय: बाल विवाह रहा।स्वयंसेविकाओ द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बताया गया कि किस प्रकार बाल विवाह बच्चों के बचपन को छीन लेता है,यह समाज की एक ऐसी पुरानी कुरीति या रूढ़ीवादी परंपरा चली आ रही है जो आज भी समाज मे एक कलंक के रूप में है।छात्राओं ने बताया कि किस प्रकार लोग अंधविश्वास में आकर ढोंगी पाखंडी लोगों के पास जाते हैं और पुत्र प्राप्ति के लिए धन इत्यादि दान करते हैं।छात्राओं द्वारा यह भी बताया गया कि बाल विवाह ना केवल बालिकाओं का किया जाता है अपितु यह बालकों का भी किया जाता है छात्राओं द्वारा यह भी बताया गया कि जिस उम्र में बच्ची को यह नहीं पता होता है कि सुहाग का सही मतलब क्या होता है उस उम्र में उन्हें सुहागन बना दिया जाता है छात्राओं ने सभी को यह संदेश देने का प्रयास किया कि बाल विवाह अपराध है इसे पड़ेगा सबको मिलकर रोकना।छात्राओं द्वारा “कसूर क्या है बस मेरा यही के एक लड़की हूं मैं” के माध्यम से यह भी बताया कि किस प्रकार लड़कियों को लड़की होने के कारण जिसमें उनका कोई दोष भी नहीं है,के कारण समाज की कुरीतियों का सामना करना पड़ता है। छात्राओं ने “पिंजरे की एक पंछी हूं मैं, ऐसे मेरे हालात है उम्मीद है ना किसी की और ना किसी का साथ है” पंक्ति के माध्यम से छात्राओं ने संदेश दिया कि किस प्रकार लड़की की गलती ना होने पर भी केवल समाज की बातों में आकर परिवार वाले एक लड़की का बाल विवाह कर देते हैं,और लड़कियों को एक बंधक के रुप मे पिंजरे में कैद चिड़िया की तरह किसी ओर के हवाले कर देते हैं।

अंत में छात्राओं द्वारा बताया गया की बेटियों को कुपोषण से बचाने के लिए जरूरी है कि उनकी शादी सही उम्र पर की जाए जिसके मुताबिक नए कानून के अनुसार की बेटियों की शादी की उम्र 18 वर्ष से बदल कर 21 वर्ष कर दी गई है।छात्राओं द्वारा यह भी बताया गया कि बाल विवाह को रोकने के लिए सामाजिक प्रयास तो जरूरी है ही पर स्वयं बालक बालिकाओं को इसके विरुद्ध आवाज उठानी होगी जिससे वह समाज में चली आ रही इस कुरीति से खुद को बचा सके।यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एम.आर कौशल के संरक्षण में किया गया।इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ.वीणा शुक्ला,डॉ.कृष्णा सिंह,डॉ.संगीता सोमवंशी और हिंदी विभाग की प्राध्यापक सुधा कुशवाह ने छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
नुक्कड़ नाटक में एन.एस.एस की स्वयंसेविका आंचल,अनामिका, दिव्या,वैष्णवी,शिवानी,श्रद्धा, ग्रेसी,चारु,शालू ,आस्था,कृषिका,नेहा,पिंकी,प्रकृति,शिल्पी,माधुरी,शिवानी,सोनाली,अंजलि,सपना,शिवानी शर्मा,पूनम,आरती ने अपना महत्वपूर्ण योगदान किया।

अर्पित गुप्ता
एडिटर

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Author: thehind today

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